
शाम ढली, निगाहें आसमान पर टिकी रहीं… लेकिन चाँद ने आज भी “नो एंट्री” का बोर्ड लगा दिया। लखनऊ की फिजाओं में एक अजीब सा सन्नाटा और सुकून साथ-साथ तैरता दिखा।
जब लोग “Eid Mubarak” का मैसेज टाइप करने ही वाले थे, तभी ऐलान हुआ—आज चाँद नजर नहीं आया। और बस, खुशियों की तारीख एक दिन आगे खिसक गई।
टीले वाली मस्जिद से बड़ा ऐलान
टीले वाली मस्जिद से शाही इमाम मौलाना सैयद फ़ज़लुल मन्नान रहमानी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि 29 रमज़ान का चाँद नहीं देखा गया है। इस ऐलान के साथ ही साफ हो गया कि 20 मार्च को जुमा-तुल-विदा अदा किया जाएगा। और 21 मार्च 2026 को पूरे देश में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। मस्जिद में मौजूद लोगों ने इस ऐलान को सुकून और सब्र के साथ स्वीकार किया।
रिवायत और यकीन: परंपरा का सम्मान
इस्लाम में चाँद देखने की रिवायत सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव है। हर साल की तरह इस बार भी लोग बेसब्री से “चाँद रात” का इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन जब ऐलान हुआ कि चाँद नहीं दिखा, तो चेहरों पर हल्की मायूसी जरूर आई, पर यकीन भी उतना ही मजबूत दिखा।
मौजूद रहे शहर के अहम चेहरे
इस मौके पर नायब शाही इमाम क़ारी सैयद इम्तियाज़ हसन समेत शहर के कई मौज्जिज़ लोग मौजूद रहे। माहौल पूरी तरह अनुशासित और आध्यात्मिक था ना कोई अफवाह, ना कोई कन्फ्यूजन…सिर्फ एक साफ संदेश—“जो रिवायत कहेगी, वही होगा।”
जुमा-तुल-विदा: एक और मौका इबादत का
20 मार्च को अब एक और जुमा-तुल-विदा अदा किया जाएगा। यह सिर्फ नमाज़ नहीं, बल्कि रमज़ान के आखिरी जुमे की वह घड़ी है, जहां हर दुआ में गहराई होती है। “चाँद भले लेट हो गया, लेकिन इबादत का बोनस डे मिल गया।”

ईद अब 21 मार्च को—तैयारियां तेज
जैसे ही नई तारीख सामने आई, बाजारों और घरों में हलचल फिर से तेज हो गई।
- कपड़ों की खरीदारी
- सेवइयों की खुशबू
- बच्चों की excitement
सब कुछ बस एक दिन के delay के साथ और भी खास हो गया।
इंतज़ार में भी एक खूबसूरती है
हर साल चाँद का इंतज़ार हमें सब्र सिखाता है। आज का दिन भी वही कहानी दोहराता है खुशियां कभी जल्दी नहीं आतीं लेकिन जब आती हैं, तो पूरे दिल से आती हैं।
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